
संस्थापक
Advocate Sumit Tyagi
- योग्यता
- BBA, MBA, LLB
- अनुभव
- अनुभव: 13 वर्ष
- न्यायालय
- सिविल न्यायालय, गाज़ियाबाद
- कार्यक्षेत्र
- दिल्ली एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं देहरादून में आपराधिक, सिविल, वैवाहिक, रेरा एवं व्यावसायिक पैरवी।
Office No. 435, 4th Floor, Aditya Height Street, Lal Kuan, Ghaziabad

अधिवक्ता एवं विधिक सलाहकार · गाज़ियाबाद
गाज़ियाबाद, नोएडा, दिल्ली एनसीआर, हापुड़, मेरठ, प्रयागराज उच्च न्यायालय एवं देहरादून में 13+ वर्षों का अनुभव — आपराधिक, सिविल, पारिवारिक एवं व्यावसायिक मुकदमे पहली सुनवाई से अंतिम आदेश तक स्वयं देखे जाते हैं।
नेतृत्व
त्याग राज लॉ फर्म का नेतृत्व करने वाले अधिवक्ता — तात्कालिक मामलों हेतु कॉल और व्हाट्सएप पर उपलब्ध।

संस्थापक

संस्थापक

हमारे चैम्बर
मुख्य चैम्बर आदित्य हाइट स्ट्रीट, लाल कुआँ में है, तथा द्वितीय कार्यालय ज़िला एवं सेशन न्यायालय परिसर में है। कार्य समय में आइए, या तात्कालिक जमानत व चेक बाउंस समय-सीमा हेतु पहले व्हाट्सएप करें।
मुख्य चैम्बर
Office No. 435, 4th Floor, Aditya Height Street, Lal Kuan, Ghaziabadद्वितीय कार्यालय
Ch. No. 33A, New Building, Second Floor, District & Session Court, GhaziabadTyag Raj Law Firm
न्याय, ईमानदारी, उत्कृष्टता।
एक नज़र में


अधिवक्ता का परिचय
त्याग राज लॉ फर्म — संस्थापक सुमित त्यागी एवं संस्थापक विशव प्रताप, तैयारी, स्पष्टवादिता और गाज़ियाबाद, नोएडा, दिल्ली एनसीआर, हापुड़, मेरठ, प्रयागराज उच्च न्यायालय एवं देहरादून में लगातार उपस्थिति पर आधारित चैम्बर।
कार्यक्षेत्र

जमानत, एफआईआर रद्दीकरण, ट्रायल पैरवी और अपील — दिल्ली एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं देहरादून की अदालतों में।
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संपत्ति विवाद, निषेधाज्ञा, वसूली वाद और अनुबंध मुकदमे।
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तलाक, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, 498A एवं घरेलू हिंसा मामले।
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अभिरक्षा, संरक्षकता एवं मुलाक़ात अधिकार — बच्चे के हित में।
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कोर्ट मैरिज, पंजीकरण एवं प्रमाणपत्र पर तुरंत मार्गदर्शन।
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स्वामित्व जाँच, विक्रय विलेख, बंटवारा, दाखिल-खारिज एवं कब्ज़ा।
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स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम में बचाव एवं जमानत।
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मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण — चोट, मृत्यु एवं मुआवज़ा दावे।
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अग्रिम, नियमित एवं अंतरिम जमानत — एक दिन गँवाए बिना।
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समय-सीमा आधारित चेक अनादर शिकायत एवं बचाव।
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ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा दुरुपयोग, मानहानि एवं आईटी एक्ट शिकायतें।
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कब्ज़े में देरी, रिफंड एवं बिल्डर-खरीदार विवाद — रेरा के समक्ष।
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सेवा में कमी, बीमा दावा अस्वीकृति एवं अनुचित व्यापार व्यवहार।
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ब्रांड पंजीकरण, आपत्ति, विरोध एवं उल्लंघन कार्रवाई।
अधिक जानेंक्यों चुनें
एक दशक से अधिक समय तक उन्हीं अदालतों में सुनवाई — जिसका असर तैयारी और समय-प्रबंधन में दिखता है।
मजिस्ट्रेट व सेशन न्यायालय, रेरा, उपभोक्ता आयोग, साइबर सेल और आईपी रजिस्ट्री — सबके लिए एक ही कार्यालय।
काम शुरू होने से पहले स्पष्ट दायरा, वास्तविक समय-सीमा और तय फीस। अगली तारीख और अगला कदम सदैव पता रहता है।
आपका मुकदमा वही अधिवक्ता लड़ते हैं जिनसे आप मिले — सुनवाई के दिन किसी जूनियर को नहीं सौंपा जाता।
हमारा उद्देश्य
हमारा उद्देश्य है गाज़ियाबाद, नोएडा, दिल्ली एनसीआर, हापुड़, मेरठ, प्रयागराज उच्च न्यायालय एवं देहरादून में सक्षम विधिक सहायता को वास्तव में सुलभ बनाना — फीस की बात से पहले ईमानदार सलाह, हर चरण पर सरल भाषा में जानकारी, और अदालत में अनुशासित व नैतिक पैरवी। प्रत्येक मुवक्किल को अपनी स्थिति और अगला कदम स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए।


हमारा दृष्टिकोण
हमारा दृष्टिकोण है राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के व्यक्तियों, परिवारों और छोटे व्यवसायों के लिए सबसे विश्वसनीय एवं सुलभ विधिक साथी बनना — ऐसा कार्यालय जो विज्ञापन से नहीं, परिणाम, ईमानदारी और लौटकर आने वाले मुवक्किलों से पहचाना जाए।
विशेषज्ञ टीम
एक छोटी, जवाबदेह टीम — आपको सदैव पता रहता है कि आपकी तारीख पर कौन पेश हो रहा है।
मुवक्किलों की राय
नमूना सामग्री — लॉन्च से पहले सत्यापित मुवक्किल समीक्षाओं से बदली जाएगी।
जिस शाम हम मिले, उसी शाम जमानत अर्जी दाखिल हो गई। उन्होंने परिणाम का वादा करने के बजाय हर संभावित स्थिति समझाई।
R. Sharma · Ghaziabad · आपराधिक कानून
परामर्श बुक करें
नीचे विवरण भरें। व्हाट्सएप आपके मामले के सारांश के साथ खुल जाएगा — कोई खाता, भुगतान या प्रतीक्षा नहीं।
प्रक्रिया
अपना नोटिस, एफआईआर प्रति या केस पेपर व्हाट्सएप पर भेजें। पहली समीक्षा उसी दिन होती है।
आपको अपने मामले की मजबूती और कमज़ोरी, संभावित समय-सीमा के साथ बताई जाती है।
दाखिल करने से पहले कार्य का दायरा, न्यायालय शुल्क एवं पारिश्रमिक लिखित में तय होता है।
प्रारूपण, दाखिल करना और बहस स्वयं की जाती है — अगली तारीख आपको सदैव ज्ञात रहती है।
प्रश्न
व्हाट्सएप संदेशों का उत्तर सामान्यतः उसी दिन मिलता है। ज़मानत एवं चेक बाउंस की अंतिम तिथियों को प्राथमिकता दी जाती है।
हाँ। आपके मामले को समझने और स्थिति बताने वाली पहली चर्चा नि:शुल्क है।
मुख्य रूप से गाज़ियाबाद ज़िला एवं सेशन न्यायालय, साथ ही नोएडा, दिल्ली एनसीआर, हापुड़, मेरठ एवं देहरादून की ज़िला अदालतें, प्रयागराज उच्च न्यायालय (इलाहाबाद उच्च न्यायालय), यूपी रेरा, उपभोक्ता आयोग एवं अधिकरण।
हाँ। नोटिस, एफआईआर, अनुबंध व आदेशों की तस्वीरें या पीडीएफ चैंबर आने से पहले व्हाट्सएप पर भेजी जा सकती हैं।
कोई भी दाखिल करने से पूर्व पारिश्रमिक एवं अनुमानित न्यायालय व्यय लिखित में तय किए जाते हैं, कोई छिपा शुल्क नहीं।